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गर्दन पर जमी मैल को कैसे हटा सकते हैं?

  गर्दन पर जमी मैल को कैसे हटा सकते हैं? कुछ लोगों की गर्दन पर इतनी मैल जम जाती है कि वह काली -काली दिखाई देती है।वे इसे उतारने की काफी कोशिश करते हैं ।लेकिन फिर भी वह नहीं उतरती है।परंतु कुछ उपाय करके इस मैल को हटाया जा सकता है। इसके अलावा बगल के नीचे वाले हिस्से में और भी कई जगह पर स्किन काली-काली हो जाती है।  topswasthya.blogspot.com आइए जानते हैं कि कैसे इस मैल को साफ किया जा सकता है- मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाकर- गर्दन पर मुल्तानी मिट्टी में दही और नींबू मिलाकर उसका पेस्ट बनाकर कुछ देर लगाने से भी उस मैल को हटाया जा सकता है।  topswasthya.blogspot.com नींबू और शहद का लेप लगाकर- नींबू में शहद मिलाकर गर्दन पर लगा कर कुछ देर के लिए छोड़ दें।थोड़ी देर बाद इसे गर्म पानी से धो ले। बेसन ,नींबू और दही का पेस्ट - बेसन में थोड़ी सी दही और नींबू मिलाकर पेस्ट बनाकर लगाने से भी गर्दन की मैल को हटाया जा सकता है। कपड़े पर साबुन लगाकर - किसी कपड़े पर साबुन लगाकर गर्दन को अच्छी तरह से साफ कर लें।इससे भी काफी मैल दूर हो जाती है।  topswasthya.blogspot.com अगर आप लोगों को मेरी यह जा...

प्रेगनेंसी में इन 5 बातों की अनदेखी न करें

 प्रेगनेंसी में इन 5 बातों की अनदेखी न करें  गर्भावस्था में कई तरह के शारीरिक-मानसिक बदलाव आते हैं| इसमें लापरवाही होने पर गर्भवती और गर्भस्थ शिशु दोनों को नुकसान होने की आशंका रहती है| जानते हैं प्रेगनेंसी में किन बातों की अनदेखी करने से बचना चाहिए|  1 पहली तिमाही में डाॅक्टर को न   दिखाना  अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती पहली तिमाही में डॉक्टर से परामर्श नहीं लेती है|वे चौथे या पांचवें महीने में डॉक्टर से संपर्क है इससे भ्रूण के बारे में सही जानकारी नहीं मिलती है|पहले तिमाही में थायराॅइड व अन्य जांचे होती है| इससे भ्रूण के ब्रेन और संपूर्ण विकास का पता चलता है| शुरू से ही डॉक्टर को दिखाएं|  2 लिक्विड डाइट कम लेना  गर्भवती अच्छी डाइट लेती है, लेकिन कई बार पानी कम पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी हो जाती है जो गर्भवती व भ्रूण, दोनों के लिए नुकसानदायक है| दूसरी तिमाही के बाद पानी की कमी बिल्कुल ही न करें| भ्रूण का संकुचन कम हो जाता है|कई बार स्थिति गंभीर भी हो जाती है| topswasthya.blogspot.com   3 नियमित व्याया...

बुजुर्ग, बच्चे और क्राॅनिक बीमारियों के रोगी अपनी इम्युनिटी बढ़ाने पर ध्यान दें

  कोरोना अपडेट: बढ़ते मामलों के साथ नए वैरिएंट ओमिक्राॅन से भी खतरा है, सावधानी बरतें बुजुर्ग, बच्चे और क्राॅनिक बीमारियों के रोगी अपनी इम्युनिटी बढ़ाने पर ध्यान दें भारत समेत दो दर्जन से अधिक देशों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्राॅन के आने से चिकित्सकों सहित सभी लोगों की चिंता बढ़ गई है꫰ वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके लोगों को बूस्टर डोज लगाने पर भी विचार हो रहा है꫰ बच्चों के वैक्सीनेशन की संभावना भी है꫰ ऐसे में बच्चे, बुजुर्गो और किसी क्राॅनिक बीमारी जैसे डायबिटीज, हार्ट डिजीज, बीपी, आर्थराइटिस आदि से ग्रसित है तो उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए꫰  topswasthya.blogspot.com

कोई अधिक मात्रा में प्रोटीन लेता है तो

  कोई अधिक मात्रा में प्रोटीन लेता है तो.... शरीर के संपूर्ण विकास के लिए प्रोटीन बहुत महत्वपूर्ण है꫰ यह मांसपेशियों को मजबूती देता है, लेकिन इसे अधिक मात्रा में लेने से शरीर में कीटोन्स की मात्रा बढ़ जाती है, जो विषैला पदार्थ है꫰  topswasthya.blogspot.com किटोन्स को बाहर निकालने के लिए शरीर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है꫰  topswasthya.blogspot.com शरीर में पानी की कमी हो सकती है꫰

मजबूत मांसपेशियों के लिए घर के भी काम करें युवा

 मजबूत मांसपेशियों के लिए घर के भी काम करें युवा एक अध्ययन में पाया गया है कि अगर वयस्क घर के काम करते हैं तो न केवल उनकी याददाश्त तेज होती है, बल्कि उनकी ध्यान लगाने की क्षमता भी बढ़ती है꫰ मांसपेशियां भी मजबूत होती है꫰  topswasthya.blogspot.com सिंगापुर में हुआ यह अध्ययन ओपन एक्सेस जर्नर 'बीएमजे ओपन' में प्रकाशित हुआ है꫰  topswasthya.blogspot.com शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए भी अच्छा है꫰

शुरुआत में महिलाएं रखे स्वास्थ्य का ध्यान, तो नहीं होगी आगे समस्याएं

  न्यू रिसर्च: वृद्धावस्था में महिलाओं को ज्यादा परेशानियां  शुरुआत में महिलाएं रखे स्वास्थ्य का ध्यान, तो नहीं होगी आगे समस्याएं फ्रांस और यूके के नए शोध से सामने आया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को वृद्धावस्था में रोजमर्रा के कार्यों को करने में ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है꫰ 75 वर्ष के बाद महिलाओं को सिढि़यां चढ़ने, वजन उठाने एवं दैनिक कार्य करने में परेशानी अधिक हो जाती है꫰ अध्ययन के अनुसार यदि मध्यम आयु में ही महिलाएं इस और ध्यान दें, तो वृद्धावस्था में इस समस्या को कम किया जा सकता है꫰  topswasthya.blogspot.com  यूनिवर्सिटी लंदन कॉलेज एवं पेरिस यूनिवर्सिटी के  topswasthya.blogspot.com शोधकर्ताओं ने 50 से 100 वर्ष की आयु के 27 हजार से अधिक पुरुषों एवं 34 हजार से ज्यादा महिलाओं पर अध्ययन करके यह निष्कर्ष निकाला है꫰ इस अध्ययन का प्रकाशन 'द लैंसेट हैल्दी लाॅन्गविटी' में किया गया है꫰

वेट लॉस डाइट से दूरी क्यों है जरूरी?

  पढ़ाई के दौरान ज्यादा समय तक बैठे रहने से बढ़ने वाले वजन को कम करने के लिए वेट लॉस डाइट का सहारा लेना समझदारी भरा कदम नहीं है  वेट लॉस डाइट से दूरी क्यों है   जरूरी?  विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी है कि उनका आहार पूरी तरह संतुलित हो उनके आहार में स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य विटामिन और मिनरल पर्याप्त मात्रा में हो, जिससे उनका समुचित विकास हो सके꫰ लेकिन कई बार बैठे-बैठे पढ़ाई करने से उनका वजन बढ़ जाता है और इसे कम करने के लिए उन्हें वजन कम करने वाली डाइट का सहारा लेना पड़ता है꫰ क्या उन्हें इस तरह की डाइट का सहारा लेना चाहिए?  topswasthya.blogspot.com प्रचुर मात्रा में फैटी एसिड की मौजूदगी वाला आहार ही लेना चाहिए, न कि वेट लॉस करने वाला आहार꫰ इस आहार में फैट कम होता है और यह आपका फोकस कम कर सकता है꫰ वेट लॉस डाइट में प्रोटीन की कमी के चलते हमारे ब्रेन  topswasthya.blogspot.com डेवलपमेंट के लिए जरूरी केमिकल नहीं मिल पाते हैं꫰